Friday, October 7, 2022

Bike RC Transfer process : कैसे कराएं पुरानी बाइक की RC ट्रांसफर, क्या है इसका प्रोसेस? जानिए विस्तार से पूरी डिटेल

बाइक को ट्रांसफर करवाने की प्रक्रिया के दौरान आपको फॉर्म 29 की आवश्यकता होगी। जिसे विक्रेता के हस्ताक्षर के साथ भरा जाना चाहिए। इसके साथ 2 फोटो की कॉपी।

Used Bike RC Transfer Process : देश में पुरानी बाइक को खरीदने की प्रक्रिया बेहद आसान है, आप मिनटों में किसी भी यूज्ड वाहनों की वेबसाइट से अपने लिए एक पसंदीदा मॉडल चुन सकते हैं, और टेस्ट राइड के बाद इस पर विचार कर सकते हैं। अब आपके अपनी पसंद की बाइक को चुनकर खरीद तो लिया लेकिन इसके बाद की प्रक्रिया का क्या। किसी भी वाहन को खरीदने के बाद उसका कानूनी रूप से आपके नाम पर ट्रांसफर होना बेहद आवश्यक है, क्योंकि अगर आप ऐसे वाहन को चलाते पाए गए जो आपके नाम पर ही नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस आप पर कानूनी कारवाई भी कर सकती है। यहां हमने ऐसे ही कुछ टिप्स को आपके साथ साझा किया है, जो पुरानी बाइक को आपके नाम ट्रांसफर कराने में आपकी मदद कर सकते है।

कैसे कराएं बाइक की आरसी ट्रांसफर

सबसे पहले आपको उसी आरटीओ में बाइक के स्वामित्व के ट्रांसफर के लिए आवेदन करना होगा जहां बाइक मालिक ने शुरू में बाइक को पंजीकृत कराया था। इसके साथ ही आरसी, बीमा, प्रदुषण टेस्ट, कर भुगतान रसीद, विक्रेता के तीन पासपोर्ट आकार के फोटो पते के प्रमाण आदि जैसे मूल दस्तावेजों के साथ आपको परिवहन कार्यालय के निदेशालय में फॉर्म 29 और फॉर्म 30 भरकर जमा करना होगा। फॉर्म को भरने के बाद पंजीकरण प्राधिकरण से सत्यापन किया जाएगा और इसके 14 दिनों के भीतर बाइक के बीमा के साथ आप कानूनी रूप से बाइक के मालिक बन जाएंगे। तो ये थी प्रक्रिया बाइक को अपने नाम पर ट्रांसफर कराने की। अब जान लेते हें, कि इसमें आपको कौन कौन से कागजात की जरूरत होती है।

दस्तावेजों की लिस्ट

बाइक को ट्रांसफर करवाने की प्रक्रिया के दौरान आपको फॉर्म 29 की आवश्यकता होगी। जिसे विक्रेता के हस्ताक्षर के साथ भरा जाना चाहिए। इसके साथ 2 फोटो की कॉपी। दोनों पक्षों को चेसिस प्रिंट के साथ फॉर्म 30 पर हस्ताक्षर जरूरी है। साथ ही अगर बाइक किसी अन्य क्षेत्र या आरटीओ से लाई जाती है, तो उसे एक एनओसी की भी आवश्कता होगी। ध्यान रहे कि अगर बाइक को विक्रेता द्वारा लोन पर खरीदा गया है, तो बैंकर द्वारा एक एनओसी प्रस्तुत की जानी चाहिए। इसके अलावा मूल आरसी, बीमा की कॉपी, प्रदुषण प्रमाणपत्र, कर भुगतान की कॉपी, विक्रेता का पता प्रमाण पत्र, तीन पासपोर्ट आकार के फोटो आदि की आवश्यकता केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 81 के अनुसार होती है।

नोट अगर आप एक पुरानी बाइक को खरीदने का प्लान बनाते हैं, तो आप अपने नजदीकी डीलरशिप से संपर्क कर सकते हैं, आज देश भर के कई दोपहिया वाहन कंपनियां अपनी फर्म के माध्यम से यूज्ड मोटरसाइकिल की ब्रिकी करती हैं, वहीं अगर आप किसी फर्म के द्वारा पुरानी बाइक खरीदते हैं, तो आपको वाहन की कुछ महीनों या साल के लिए गारंटी भी मिल जाती है। इसके साथ ही अगर आप सीधा विक्रेता से बाइक खरीदने के लिए संपर्क करते हैं, तो बाइक के बदले पैसे खाते में ट्रांसफर होने के बाद कोई जरूरी नहीं है, कि मालिक इसकी गारंटी ले।

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